Monday, 9 December 2013

२०१४ में मैथिली चलचित्र आबि रहल अछि :'हेहर "


एम. एम. फ़िल्म प्रस्तुत का रहल छथि मैथिलि चलचित्र 'हेहर " . एकर निर्देशक  छथि श्री अमित झा , कथा लिखल छनि श्री मान मिथिलेश झा जी , संपादक छथि अमित झा आ कलाकार छथि केशव रॉक (गायक ), अमित झा , मिथिलेश झा , सुमन झा , सौरभ, पूनम, पूजा आ अन्य . इ फ़िल्म २०१४ में अप्रैल तक अयबाक सम्भावना अछि , ई फ़िल्म मिथिला मैथिलिक  संस्कृति सँ जुरल अछि. जाहि देखायल गेल अछि किछु नवयुवक कोना गलत रास्ता चुनी लेत छैथ आ फेर कोना अपन संस्कृति के याद क नीक रास्ता चुनैत छथि ,ई चलचित्र पर अपने सब जरुर वकोध्यान लगेने रहब कारण इ बहुत नीक आ आधुनिक रूपए तैयार कायल गेल अछि , एही फ़िल्म में अन्याय ,कानून ,प्यार , दर्द , खूब नीक अभिनय जे कि एकदम एक्शन सँ भरल अछि - ध्यान राखब अपन मैथिली फ़िल्म जरूर देखब.


Saturday, 7 December 2013

विवाह पंचमी: शुभकामना संदेश




विवाह पंचमी:

 शुभकामना संदेश


आजुक तिथि अगहन इजोरिया पंचमी,

 त्रेतामे औझके दिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीरामकेर 

विवाह जनकनन्दिनी सीता संग भेल छलन्हि। 





श्री मैथिली पुत्र प्रदीपजी लिखैत छथि:

मिथिला के धिया सिया जगतजननि भेली,
धरनी बनल सुरधाम हे!
धन्य मिथिक भूमि घर-घर ऋषि-मुनि,
दूलहा जगतपति राम हे!!

गंगा बहथि जतय कोसी रहथि ततय,
कमला-गंडकके बथान हे!
हिमगिरिके घर गौरीके नैहर
शिवजी भेला मेहमान हे!!

एहि तरहें कविश्रेष्ठ नहि मात्र जगज्जननी सियाकेँ अपन गरिमामय रचनामे समेटलनि 

बल्कि समस्त मिथिला-महिमाकेँ सेहो वर्णन कयलनि अछि। 

स्नेहलता  
राम आ सीताक विवाहपर हजारों गीत रचने छथि। ओ मिथिलाक वैशिष्ट्यकेर वर्णन करैत कहने छथि:

अपना किशोरीजी केर टहल बजेबय - आहो राम - टहल बजेबय
यौ हम मिथिले मे रहबय -२
हमरा न चाही चारू धाम यौ हम मिथिलेमे रहबय!!

साग पात खोंटि-खोंटि दिवस गमेबय -

 आहो राम - दिवस गमेबय
यौ हम मिथिले मे रहबय,
हमरा न चाही सुख आराम -

 यौ हम मिथिले मे रहबय!!

तहिना रामचरितमानसमे सियाजीक विवाह-प्रसंगकेर वर्णन करैत 
गोस्वामीजी लिखैत छथि:-
जेहि सोभा नीच घर सोहा, तेहि देखि सुरनायक मोहा!

कहब छन्हि जे रामजीक विवाहक अवसरपर देवलोककेर राजा स्वर्गाधिपति इन्द्र जखन मिथिला अबैत छथि तँ गामक बाहर बसनिहार सामान्य सेवक-वर्गक घरक ऐश्वर्य देखि मोहित भऽ जनकक अंगना आ विवाहस्थल बुझि ओतहि प्रवेश करैत छथि..... मुदा विवाहमण्डप नहि देखि अपन सन्देह जे आखिर राजाक अंगना यैह थीक तँ विवाह कतय भऽ रहल अछि पूछलापर ई पबैत छथि जे ओ घर तँ मात्र एक सेवकवर्गक छल। मिथिलाक सम्पन्नताकेँ दिग्दर्शन एक पाँतिमे एना होइछ। 


आइ ओ मिथिला राज्य एतेक गरीब बनि गेल अछि जे करोडों लोक ओतयसँ पलायन कय गेल अछि। ताहि हेतु एक बेर फेरसँ मिथिलावासी जनककालीन ऐश्वर्यपूर्ण मिथिला राज्यक माँग एहि भारतवर्षमे कय रहल छथि। पुन: गौरवबोधक संग प्राचिन मिथिला प्राप्त हो, ताहि लेल स्वराज्यक माँग कैल जा रहल अछि। भारतीय गणतंत्रमे ई संविधानसम्मत मिथिलाराज्य चाही। विवाहपंचमीकेर शुभ अवसरपर समस्त आस्थावान भारतीयसँ मिथिलाक गरिमाक रक्षा लेल एहि औचित्यपूर्ण माँगकेर समर्थनक आशाक अपेक्षा मिथिलावासी करैत अछि।

- प्रो. उदय शंकर मिश्र 

मैथिलि विवाह  गीत  एतय सन डोनलोड करू - 
http://maithilaurmithila.blogspot.in/2010/03/mp3.html

Thursday, 5 December 2013

मिथिला के पुनर्गठन से होगा पूरा विकास : कीर्ति आज़ाद

मिथिला राज्यक माँगपर धरना

आइ ५ दिसम्बर जन्तर-मन्तरपर राखल गेल एकदिवसीय धरना बहुत पैघ सफलताक संग समापन कैल गेल। जेना कि एहि धरनाक आयोजन मिथिला राज्य संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा कैल गेल छल आ एक पैघ अरसा उपरान्त भारतीय संसदक पटलपर मिथिला राज्य निर्माण हेतु राखल गेल बिहार झारखंड पुनर्गठन बिल २०१३ एक प्राइवेट मेम्बर बिलरूपमे दरभंगाक सांसद कीर्ति आजाद द्वारा सेहो बहस लेल प्रस्तुत होमयवाला अछि - आजुक धरनाक महत्त्व बहुतो कारणे बढि गेल छल आ तहिना समस्त मिथिलावादीक एकजुट समर्थनसँ औचित्य आरो बढि गेल बुझायल। जतय मिथिला राज्य निर्माण सेना दर्जनोंसँ ऊपर कार्यकर्ता जुटि गेल छलाह ओतहि अखिल भारतीय मिथिला पार्टीक कार्यकर्ता लोकनि सेहो अपन-अपन बैनर ओ झंडा संग-संग मिथिला राज्यक माँगक औचित्य प्रदर्शित करयवाला बहुतो तरहक नारासँ सजल बैनर - प्लेकार्डसहित बेर-बेर "मिथिला राज्य"केँ संविधान द्वारा पुनर्स्थापित करबाक माँग कैल गेल। 
धरनास्थलपर पूर्वनिर्धारित समय सँ मिथिला राज्य संयुक्त संघर्ष समितिक विभिन्न कार्यकर्तासंग अध्यक्ष बैद्यनाथ चौधरी बैजु पहुँचल छलाह आ ताहि समय दरभंगासँ भाजपा संसद कीर्ति आजाद जिनका द्वारा उपरोक्त प्राइवेट मेम्बर बिल सदनमे राखल गेल अछि ओहो बिलकेर विषय-सूची समेकित सूचनापत्रक संग उपस्थित होइत धरनाकर्मीकेँ बिलक विषयपर प्रकाश दैत कहलनि जे आन्दोलन भले जतेको कतहु भेल हो लेकिन समुचित फोरम सदनमे एकरा चर्चारूपमे आनब अपन मूल कर्तब्य बुझैत बहुत मेहनतसँ बैजुजी सनक समर्पित अभियानी-आन्दोलनी सबहक मार्गदर्शनमे ११२० पृष्ठक बिहार-झारखंड पुनर्गठन बिल २०१३ राखल गेल अछि। संसदमे उपस्थित हेबाक हडबडीक कारणे ओ समस्त मिथिलावासीसँ धरनापर उपलब्ध आन्दोलनीक मार्फत बस एक संदेश जे मिथिला लेल ताउम्र संघर्ष करब आ एकर उपेक्षा विरुद्ध संविधानसँ अधिकार लऽ के रहब, बस अपने लोकनि सदिखन एहि संघर्षमे संग दी कहैत ओ पुन: साढे बारह बजे आपसी अयबाक वादासंग प्रस्थान कय गेलाह। तदोपरान्त बैद्यनाथ चौधरी बैजु अपन जीवनक लगभग ४ दशकसँ ऊपरसँ जनआन्दोलन आ औपनिवेशिक चापसँ मुक्ति हेतु कतेको यातना झेलैत संघर्ष करैत रहबाक उद्धरण दैत समस्त मिथिलावासीकेँ अपन-अपन विद्यमान वर्तमानक संग निज-अधिकार आ मिथिला राज्यक सोराज लेल जाग्रत अवस्थामे रहबाक अपील कयलन्हि, संगहि जनमानसकेँ अधिकार सम्पन्नता लेल जनप्रतिनिधि चुनबाक घडी मात्र आ मात्र एकटा मुद्दा जे मिथिलाक विकास लेल मिथिला राज्यक माँगकेर समर्थन केनिहारकेँ समर्थन दय संसद-विधानसभा पहुँचाबैक अनुरोध कयलन्हि। प्रो. उदय शंकर मिश्र मिथिलाक गरिमापूर्ण इतिहाससँ भारतक आभूषण-मुकुटमणि मिथिला राज्यरूपमे मान्यता नहि प्राप्त करबाक बातकेँ भारत लेल दुर्भाग्यपूर्ण होयबाक तर्क प्रस्तुत कयलन्हि। भारत विश्वगुरुक श्रेणीमे मिथिलाक चलते पहुँचल आ से मिथिला यदि दुर्भाग्यक शिकार होइत लोकपलायन लेल मजबूर होयत तँ सहजहि ई सहबाक योग्य बात नहि अछि आ सब कियो एकजुटतासँ योजनाबद्ध आ चरणबद्ध आन्दोलनकेँ निरन्तरता ताबत तक प्रदान करी जाबत ई माँग जन-जन द्वारा समर्थित नहि बनैछ, से कहि युवाशक्तिकेँ आगू अयबाक लेल अनुरोध केलनि। मिथिला राज्य निर्माण सेनाक अध्यक्ष जे मिथिलासँ मात्र धरनामे सहभागी बनय लेल आयल छलाह ओ समस्त आन्दोलनीक मर्मकेँ मनन करैत गछलैन जे बहुत बात हम सब जेना-तेना कय लैत छी, लेकिन विश्वास अछि जे माँ जानकीक भूमि मिथिलाकेँ आब आरो बहुत समयतक एना विपन्न नहि राखल जा सकैत छैक आ हम सब क्रमश: बेसी जागृति पाबि रहल छी, अपन अधिकार लेबे टा करबैक, मिथिला राज्य बनेबे टा करबैक। तहिना दिल्लीक विभिन्न क्षेत्रसँ धरनापर आयल नेतृत्वकर्मी, ग्वालियरसँ आयल प्रो. शिवाकर ठाकुर, नेपालसँ पहुँचल हम स्वयं सेहो मिथिलाक पहिचानकेँ संविधान द्वारा सम्मान देबाक बात दोहरबैत अपन पूर्ण समर्पित योगदान दैत मिथिलाक पहिचान संग संस्कृतिक संरक्षणलेल प्रतिबद्धता जाहिर केने रही। श्रीमती रंजु ठाकुर, सुधा झा सेहो आजुक कार्यक्रममे आबि भविष्यमे आरो बेसी संख्यामे मैथिलानीक सहभागिता सुनिश्चित करबाक वचनबद्धता प्रकट कयलीह। आजुक दिन भरिक कार्यक्रममे बड बुजुर्ग अभियानी संग नवतुरिया आन्दोलनीक नीक भीडबहुत देर शांझतक चलैत रहल। 
अन्तमे मिथिला राज्य निर्माण सेनाक पूर्वप्रस्तावित जदयू नेता संजय झा केर मिथिला राज्य आन्दोलनकेँ हवाहवाई कहि मजाक उडेबाक बातकेँ घोर भर्त्सना करैत हुनकर पुतला दहन करबाक प्रक्रियामे किछु आपसी मतान्तर रहितो भव्य नाराबाजीक संग मिथिलाविरोधीकेँ सावधान करैत पुतलादहन कार्यक्रम सेहो कैल गेल। तदोपरान्त भविष्यमे आन्दोलन कोन तरहे एकजुटतासँ संचालित कैल जायत ताहिपर एक छोट गोष्ठी करैत सब अपन-अपन विचार ओ प्रतिबद्धता प्रकट करैत कार्यक्रमकेँ समापन घोषित कयल गेल। आजुक कार्यक्रममे मिथिलाक अन्य कोनो कार्यक्रम अनुरूप किछु आपसी मत पर सेहो खण्डन-मण्डन भेल; जे दू अलग-अलग पीढी आ बिना सुसंगठित विभिन्न क्षेत्रक आन्दोलनीक एकठाम अयलापर भेनाइयो स्वाभाविके छैक ताहि तरहें किछु रास विन्दुपर बहुमतक निर्णयसँ कार्य करबाक नीतिपर कार्यक्रम केर संचालन पूर्ण सफलताक संग कैल गेल। कार्यक्रममे देशक लगभग सब प्रमुख चैनल आ मिडियाक विभिन्न माध्यमक कवरेज लेल गेल। पूर्ण संचालन स्वयं बैजु बाबु कयलन्हि। युवा तुरिया आ अनुभवी आन्दोलनीक सहकार्यसँ आजुक धरना एक विशेष धारमे बहैत मिथिला राज्य निर्माण दिशि बढल एक ऐतिहासिक डेग बनि गेल।

हरि: हर:!!


Tuesday, 3 December 2013

आलेख पठाबयकेँ कृपा करी : मैथिली साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समिति,मधुबनी

"मैथिली साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समिति,मधुबनी" "अरुणिमा" 

नामक 'मैथिली लोक साहित्य एवं लोक सांस्कृति विशेषांक' एकगोट 

मैथिली पत्रिका बहार कऽ रहल अछि।अत: देश-विदेशकेँ समस्त 

विद्वान लोकनिसँ निवेदन जे अपन आलेख पठा कऽ पत्रिकाकेँ 

उतकृष्ट 

बनाबयमे सहयोग करयके कृपा कयल जाव।
आलेख: मैथिली लोक सांस्कृति आ लोक साहित्य पर पठाबी।(आनो 

विषय पर पठा सकैत छी)

* आलेख दिसंबर 30 ता. तक (फोटो सहित) पठाबयकेँ कृपा करी

समिति अपनेक अभारी रहत।

आलेख निचा लिखल पता पर पठाबी। आ E-mail सँ सेहो पठा सकैत 


छी

-:पता:-


- दिलीप झा

आदर्श नगर क्लोनी, जिला-मधुबनी, बिहार (भारत) पिन-847211,

मो.-9430989449

E-mail:maithilisssamiti.madhubani@gmail.com / 

maithilisssamiti4@gmail.com 

आई छनि दर्श बाबू के जन्म दिन : संजय झा



नागदह,मधुबनी निवासी संजय झाक पुत्र दर्श बाबू के जन्मक आई पाँचम दिवस हुनकर अपन निवास स्थान पर मनाएल जेतनि. दर्श बाबूकेँ आई पृथ्वी लोक पर पाँच वर्ष पूरा हेतनि आ छठम में प्रवेश करताह.भगवती सँ हुनकर माता - पिता प्रार्थना करैत छथि जे   हुनक जीवन सदैव हंसी -खुसी आ भगवतीक स्नेह रुपी आशीर्वादक संग दीर्घायु आ चिरंजीव होइथ. भागवती हुनकर स्वास्थ्य सदैव तंदुरुस्त राखथि तदोपरांत एही ढंग सँ प्रेरणा प्रदान करती जे ओ गाम, समाज आ देश के लेल एक नव प्रकाश स्थापित क सकैथ.